एस्पार्टेम का लघु इतिहास

1965

एस्पार्टेम की खोज की गई

1981

यूएस आहार व औषध प्रशासन (FDA) ने सूखे आहारों में एस्पार्टेम के उपयोग की मंज़ूरी दी।

1983

यू.एस. FDA ने एस्पार्टेम के लिए स्वीकार्य दैनिक उपभोग (ऐक्सेप्टबल डेली इनटेक – ADI) को प्रतिदिन शरीर के प्रति किलो भार के लिए 50 मिग्रा तक बढ़ा दिया। इसका अर्थ है कि 150 पौंड का कोई वयस्क सुरक्षित रूप से अपनी जीवनावधि में 20.12 औंस की डायेट सोडा का उपभोग कर सकते हैं।

1983

यूएस FDA ने अपनी स्वीकृति को विस्तारित करके उसमें कार्बोनेट किये हए सॉफ्ट ड्रिंक्स भी शामिल किये।

1984

यूएस रोग नियंत्रण और निरोध केन्द्र (सेन्टर्स फॉर डिसीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेन्शन CDC) ने एस्पार्टेम के उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों की रिपोर्ट का मूल्यांकन किया, जिसमें सिरदर्द, नींद न आना, चक्कर आना और मूड में परिवर्तन, मतली आना, दस्त और अन्य गेस्ट्रोइंटेस्टिनल समस्याएं शामिल थीं। CDC ने निर्धारित किया कि “कुल मिलाकर विस्तृत विविधता के बावजूद, बार-बार रिपोर्ट किये जाने वाले अधिकतर लक्षण हल्के हैं और ऐसे लक्षण हैं, जो सामान्य जनता में पाए जाते हैं।”

1999

मल्टिपल स्कलेरोसिस फाउंडेशन (Multiple Sclerosis Foundation) ने इन दावों को रद्द कर दिया कि एस्पार्टेम से मल्टिपल स्क्लेरोसिस (MS) होता है, और यह निष्कर्ष निकाला कि एस्पार्टेम और MS को बीच कोई संबंध नहीं है।

1999

U.S. FDA और ब्राज़ील की विनियामक एजेंसी, Agencia Saude, ने अनेक वेब आधारित आरोपों को खारिज कर दिया कि एस्पार्टेम स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालती है, और निर्धारित किया कि इन आरोपों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है और रिपोर्ट की गई समस्याएं अविश्वसनीय ही थीं।

2000

यूनाइटेड किंग्डम की फूड स्टैंडर्ड एजेंसी (आहार मानक एजेंसी) ने भी इंटरनेट पर लगाए गए एस्पार्टेम संबंधी आरोपों की समीक्षा की और यूएस और ब्राज़ील से प्राप्त निष्कर्ष की पुष्टि की कि यह अविश्वसनीय हैं और विज्ञान द्वारा समर्थित नहीं हैं।

2002

“एस्पार्टेम: एक सुरक्षा समीक्षा” को Regulatory Toxicology and Pharmacology में प्रकाशित किया गया और उसका निष्कर्ष था “30 से अधिक वर्षों की सश्रम वैज्ञानिक खोज के बाद, अब एस्पार्टेम के सुरक्षित होने संबंधी प्रश्नों को बंद करने का समय आ गया है। ऐसा कोई भी और आहार संघटक नहीं है, जिसका एस्पार्टेम से अधिक विस्तार पूर्वक मूल्यांकन किया गया हो।

2006

कैंसर के मूल्यांकन के लिए मानक, स्वीकार्य प्रोटोकॉल और और वैज्ञानिक रीति का अनुसरण न करने वाली विधियों को उपयोग करके इटली के Ramazzini Institute (रामात्ज़िनी इन्स्टिट्यूट) का कहना था कि एस्पार्टेम से चूहों में लूकिमिया और लिम्फोमा हुए थे।

2006

यूरोपीय आहार सुरक्षा प्राधिकरण (The European Food Safety Authority EFSA) ने Ramazzini Institute के निष्कर्षों की निंदा की और नोट किया कि एस्पार्टेम से संबंधित कोई आहार संबंधी परिवर्तन आवश्यक नहीं हैं।

2007

यूएस FDA ने फिर से एस्पार्टेम के सुरक्षित होने की पुष्टि की और Ramazzini Institute के निष्कर्षों की निंदा की, जिसमें इस बात पर ध्यान केन्द्रित किया गया कि इस अध्ययन के डिज़ाइन, संचालन और व्याख्या में बहुत कमियाँ थीं, विशेषकर अनियंत्रित चरों, जैसे कि परीक्षण वाले प्राणियों में संक्रमण की उपस्थिति, जिनके कारण परिणाम जोखिम में आ गए।

2007

Critical Reviews in Toxicology में प्रकाशित एक मूल्यांकन में बताया गया कि “एस्पार्टेम का उपयोग करने वालों की भूख नहीं बढ़ती है, इसके विपरीत, अध्ययन बताते हैं कि यह कुल मिला कर वजन के प्रबंधन के कार्यक्रम के हिस्से के रूप में एक प्रभावकारी साधन हो सकता है। एस्पार्टेम एक अच्छी तरह से वर्णित, विस्तार से अध्ययन किया हुआ उच्च तीव्रता वाला स्वीटनर है, जिसका आहार की आपूर्ति में सुरक्षित उपयोग का लंबा इतिहास है, और यह अनेक प्रकार के आहारों की कैलोरी युक्त सामग्री को कम करने में मदद कर सकता है।”

2009

खाद्य संयोजी पदार्थों और आहार में जोड़ जाने वाले पोषण के स्रोत (Food Additive और Nutrient Sources (ANS)) संबंधी EFA के पैनल ने फिर से पुष्टि की कि एस्पार्टेम सुरक्षित है और बताया, “कुल मिला कर, इस समय उपलब्ध सारे साक्ष्यों के आधार पर, जिसमें अंतिम प्रकाशित ERF [European Ramazzini Foundation] अध्ययन शामिल है, पैनल ने यह निष्कर्ष निकाला है कि एस्पार्टेम के किसी भी जीन के लिए विषाक्त या कैंसरकारी होने ती संभावना नहीं है…..” जिसमें उसने अपने अध्ययन के चरों को ध्यान में लिया है, जिसमें परीक्षण किये जा रहे प्राणियों में पहले से कोई रोग होना शामिल है। पैनल ने इस बात को भी दोहराया कि अध्ययन का डिज़ाइन इस समय स्वीकृत विषाक्तता संबंधी विधियों के अनुरूप नहीं है।

2013

EFSA के ANS पैनल ने फिर एक बार एस्पार्टेम की समीक्षा की और फिर एक बार उसके सुरक्षित होने की पुष्टि की। पैनल की प्रमुख, डॉ. एलिसिया मोर्टेन्सन ने कहा, “यह राय एस्पार्टेम के सबसे अधिक विस्तृत जोखिम के आकलनों में से एक आकलन का प्रतिनिधित्व करती है।”