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ElementsAspartame (L-a-aspartyl-L-phenylalanine methyl ester) एक कम कैलोरी वाला मधुरक है जिसका प्रयोग कम कैलोरी वाले टेबलटॉप मधुरकों समेत कम कैलोरी और घटाई गई कैलोरी वाले अनेक भोजनों एवं पेय पदार्थों को मीठा करने के लिए किया जाता है। यह मिथाइल ईस्टर (methyl ester) की तरह, दो एमिनो एसिडों, एस्पार्टिक एसिड और फेनीलालानाइन से बनता है। एमिनो एसिड प्रोटीन के बिल्डिंग ब्लॉक होते हैं। एस्पार्टिक एसिड और फेनीलालानाइन भी प्रोटीन वाले खाद्यों में कुदरती रूप से पाए जाते हैं जिनमें माँस, अनाज और डेयरी उत्पाद शामिल हैं। मिथाइल ईस्टर भी अनेक खाद्यों में कुदरती रूप से पाए जाते हैं जैसे कि फल, सब्जियाँ और उनका रस।

किस प्रकार के उत्पादों में aspartame होता है?

Aspartame दुनिया भर के लगभग 6000 उत्पादों में पाया जाता है जिनमें कार्बोनेट वाले सॉफ्ट ड्रिंक, पाउडर वाले सॉफ्ट ड्रिंक, च्यूंग गम, मिठाई, जिलेटिन, डेजर्ट मिश्रण, पुडिंग और फिलिंग, जमाए हुए डेजर्ट, योगर्ट, टेबलटॉप मधुरक और विटामिन तथा शर्करामुक्त कफ ड्रॉप जैसी कुछ दवाएं शामिल हैं। अमेरिका में, aspartame सहित सभी खाद्य घटकों को खाद्य लेबल पर घटक विवरण में अवश्य सूचीबद्ध किया जाना चाहिए।

क्या aspartame उच्च ऊष्मा को सहन कर सकता है और बेकिंग के लिए प्रयुक्त किया जा सकता है?

मधुरक घटक के रूप में aspartame वाले अनेक टेबलटॉप मधुरकों का प्रयोग विविध प्रकार के व्यंजनों में किया जा सकता है। तथापि, अधिक ताप या सिकाई की अपेक्षा रखने वाले कुछ व्यंजनों में, मधुरता की कमी हो सकती है, यह सुरक्षा मसला नहीं है, साधारण रूप से उत्पाद अपेक्षा के अनुसार मीठा नहीं हो सकता। इसलिए, इन टेबलटॉप मधुरकों के निर्माताओं से उपलब्ध विशेष रूप से तैयार व्यंजनों में aspartame युक्त टेबलटॉप मधुरकों का प्रयोग करना सर्वश्रेष्ठ होता है। Aspartame टेबलटॉप मधुरकों को मिठास बनाए रखने के लिए हीटिंग समाप्त हो जाने पर कुछ व्यंजनों में भी डाला जा सकता है।

Aspartame की स्वीकार्य दैनिक मात्रा (ADI) क्या है?

स्वीकार्य दैनिक मात्रा (ADI) एक महत्वपूर्ण नियामक अवधारणा है जिसे प्रायः गलत समझा जाता है। FDA बिना जोखिम के जीवनभर प्रतिदिन उपभोग के लिए सुरक्षित माने जाने वाले स्तर पर खाद्य घटकों के लिए ADI तय करता है। ADI से अधिक सेवन करने का अर्थ यह नहीं है कि कोई प्रभाव घटित होगा क्योंकि ADI में सुरक्षा के उस व्यापक मार्जिन से अधिक शामिल होता है जिसे नो ऑब्जर्व्ड इफेक्ट लेवल (No Observed Effect Level – NOEL) माना जाता है। aspartame के लिए ADI को 50 मि.ग्रा./कि.ग्रा. bw प्रतिदिन तय किया गया है जो NOEL से 100 गुना कम है। कम कैलोरी वाले मधुरकों पर FDA के तथ्य पत्रक के अनुसार, “प्रत्येक अनुमोदित मधुरक के लिए, अमेरिकी उपभोक्ताओं द्वारा प्रयुक्त विशिष्ट मात्रा निर्धारित ‘स्वीकार्य दैनिक सेवन स्तरों’ (ADI) या उन स्तरों के भीतर है जिनका जीवनभर प्रतिदिन सुरक्षित रूप से उपभोग किया जा सकता है,” इस प्रकार, ADI वह विशिष्ट बिंदु नहीं है जहाँ सुरक्षा समाप्त हो जाती है और संभावित स्वास्थ्य चिंताएं आरंभ हो जाती हैं। नीचे दिए गए चार्ट में aspartame वाले विभिन्न उत्पादों की खुराकों की अनुमानित संख्या का वर्णन किया गया है जिसकी किसी वयस्क और बच्चे को aspartame के ADI तक पहुँचने के लिए उपभोग करने की जरूरत होगी। व्यापक बाजार अनुसंधान ने दर्शाया है कि आम जनता और विभिन्न उपसमूहों के लिए aspartame उपभोग के पैटर्न, ADI से काफी नीचे हैं। बच्चों समेत आम जनता में उच्च स्तर के उपभोक्ताओं (90वाँ प्रतिशतक) द्वारा Aspartame का उपभोग ADI के पाँच से 10 प्रतिशत के बीच है। इसका अर्थ है कि 10 में से नौ लोग ADI के 10 प्रतिशत से कम का उपभोग करते हैं जो कि सरकारी दिशानिर्देशों के पर्याप्त भीतर है।

Aspartame वाले उत्पाद Aspartame (मि.ग्रा.) ADI तक पहुँचने के लिए प्रति दिन खुराकों की अनुमानित संख्या (वयस्क 68 कि.ग्रा.) ADI बच्चे तक पहुँचने के लिए प्रति दिन खुराकों की अनुमानित संख्या (22.7 कि.ग्रा.)
आहार सोडा (237 मि.ली.) 192 17 6
जिलेटिन (113 ग्रा.) 81 42 14
टेबलटॉप मधुरक (पैकेट) 35 97 32

 

शरीर aspartame से कैसे निपटता है?

पचने पर, aspartame तीन घटकों में विभाजित हो जाता है (एस्पार्टिक एसिड, फेनीलालानाइन और कुछ मात्रा में मेथेनॉल) जो कि फिर रक्त में सोख लिए जाते हैं और सामान्य शरीर प्रक्रियाओं में प्रयुक्त होते हैं। न तो aspartame और न ही इसके घटक शरीर में संचित होते हैं क्योंकि शरीर aspartame के घटकों का उसी प्रकार से उपयोग करता है जैसे कि सामान्य खाद्यों से प्राप्त घटकों का करता है। इसके अलावा, aspartame से प्राप्त इन घटकों की मात्राएं अन्य खाद्य स्रोतों से प्राप्त मात्राओं की तुलना में कम होती हैं। उदाहरण के लिए, बिना वसा वाले दूध की खुराक aspartame से 100 प्रतिशत मीठे किए गए आहार पेय पदार्थों की एक समान मात्रा की तुलना में छह गुना अधिक फेनीलालानाइन और 13 गुना अधिक एस्पार्टिक एसिड प्रदान करती है। इसी तरह, टमाटर जूस की खुराक aspartame युक्त समान मात्रा वाले आहार पेय पदार्थ की तुलना में छह गुना अधिक मेथेनॉल प्रदान करती है।

Pudding

क्या aspartame रक्तप्रवाह में मेथेनॉल के अस्वास्थ्यकर स्तर पैदा करता है?

नहीं, मेथेनॉल विषाक्तता तब पैदा होती है जब मेथेनॉल इतनी अधिक मात्रा में लिया जाए कि वह इसे पचाने की शरीर की क्षमता को पराजित कर दे। aspartame के पाचन द्वारा उत्पन्न मेथेनॉल की मात्रा बहुत कम होती है। वास्तव में, टमाटर के जूस का एक प्याला (240 मि.ली.) aspartame से मीठे किए गए सॉफ्ट ड्रिंक की समान मात्रा के पाचन की तुलना में छह गुना अधिक मेथेनॉल उत्पन्न करता है: 82 मिलीग्राम प्रति कप टमाटर जूस बनाम पूरी तरह aspartame से मीठा किया गया 14 मिलीग्राम प्रति कप सॉफ्ट ड्रिंक।

सामान्य खाद्य के फेनीलालानाइन, एस्पार्टिक एसिड और मेथेनॉल अंश (मि.ग्रा.)

खाद्य/पेय पदार्थ फेनीलालानाइन* एस्पार्टिक एसिड* मेथेनॉल
डायेट कोक (237 मि.ली.) 60 48 12
दूध (237 मि.ली.) 404 592
केला (मध्यम) 58 146 21
टमाटर का जूस (237 मि.ली.) 39 231 71
(* अमीनो एसिड)

 

क्या aspartame बच्चों के लिए सुरक्षित है?

अध्ययनों ने दर्ज किया है कि aspartame बच्चों द्वारा उपयोग किए जाने के लिए सुरक्षित है। तथापि, बच्चों को समुचित विकास और वृद्धि के लिए कैलोरी की आवश्यकता होती है। इस प्रकार, अभिभावकों को अपने बच्चे के आहार की निगरानी करनी चाहिए ताकि अधिक आहार या पोषण संबंधी कमियों से बचा जा सके।

क्या स्तनपान कराने वाली या गर्भवती महिलाएं aspartame ले सकती हैं?

FDA और अमेरिकी मेडिकल एसोसिएशन की वैज्ञानिक मामलों की परिषद् इस बात पर सहमत है कि गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए aspartame का उपयोग करना सुरक्षित है। गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान पर्याप्त कैलोरी महत्वपूर्ण होती हैं और कैलोरी को उन खाद्यों से आना चाहिए जो पोषण की जरूरतों को पूरा करते हैं, न कि उन खाद्यों से जिनमें कम पोषक तत्व होते हैं। aspartame से मीठे किए गए विविध भोजन और पेय पदार्थ गर्भवती महिला के “मीठे” के स्वाद को बिना अतिरिक्त कैलोरी जोड़े पूरा कर सकते हैं, जिससे अधिक पोषक खाद्यों की जगह बनी रहती है।

क्या aspartame और कैंसर के बीच कोई संबंध है?

नहीं, aspartame के अनुमोदन से पहले, कृतंकों के चार दीर्घकालीन और जीवनपर्यन्त अध्ययनों में इसका व्यापक रूप से मूल्यांकन किया गया जिन्हें aspartame की बड़ी खुराकें दी गईं जो किसी वयस्क मनुष्य के लिए जीवनभर में प्रतिदिन सॉफ्ट ड्रिंक की 1000 केन के आहार से भी अधिक aspartame की मात्रा के बराबर थीं। दिमाग कि गाँठों या कैंसर के किसी अन्य प्रकार में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई। Aspartame रक्तप्रवाह में प्रवेश नहीं करता और इसलिए दिमाग समेत महत्वपूर्ण अंगों में यात्रा नहीं कर सकता। इसलिए, ऐसा कोई शारीरिक कारण नहीं है कि aspartame कैंसर पैदा कर सके। इसके अलावा, यूरोपीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण (EFSA) ने aspartame के सुरक्षित होने की पुष्टि की है। डेटा की व्यापक समीक्षा के बाद, खाद्य योजकों, स्वादों और प्रोसेसिंग एड्स एवं भोजन के संपर्क में आने वाली सामग्री (AFC) पर EFSA के वैज्ञानिक पैनल ने कहा “कुल मिलाकर, पैनल ने पिछले प्रकाशित ERF [यूरोपीय रामाज़िनी प्रतिष्ठान] अध्ययन समेत वर्तमान में उपलब्ध समस्त साक्ष्यों के आधार पर निष्कर्ष निकाला है कि aspartame की जेनोटॉक्सिक या कैंसर उत्पन्न करने की किसी सम्भावना का कोई संकेत नहीं है और 40 मि.ग्रा./कि.ग्रा. bw प्रतिदिन की aspartame के लिए पहले से स्थापित ADI में संशोधन का कोई कारण नहीं है।” यह वक्तव्य पुनः पूर्व रामाज़िनी अध्ययन के बारे में EFSA के 2006 के वक्तव्य की पुष्टि करता है जिसमें आरोप लगाया गया था कि aspartame का सेवन कैंसर पैदा कर सकता है। अमेरिकी खाद्य और दवा प्रशासन (FDA) EFSA के निष्कर्ष का समर्थन करता है और उल्लेख करता है, “हमारे द्वारा बड़े साक्ष्यों की समीक्षा के आधार पर, जिनमें कैंसर पैदा होने के कारणों पर अनेक अध्ययन शामिल हैं जिन्होंने कोई प्रतिकूल प्रभाव और ऐसा डेटा नहीं दर्शाया कि कैसे aspartame मनुष्यों द्वारा उपापचयन करता है, हमारे पास विश्वास करने का कोई कारण नहीं है कि aspartame कैंसर उत्पन्न करेगा। इस प्रकार FDA का मानना है कि [aspartame] का उपयोग सुरक्षित है। रामाज़िनी द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह असत्य हैं क्योंकि वैज्ञानिक साहित्य की संपदा ने दर्शाया है कि aspartame सुरक्षित है और कैंसर पैदा नहीं करता। राष्ट्रीय कैंसर संस्थान द्वारा हाल में किए गए महामारी रोग-विज्ञान अध्ययन में पिछले अध्ययन के निष्कर्षों की पुष्टि की गई है कि aspartame लेने और श्वेतरक्तता, लिम्फोमास और दिमाग कि गाँठों के बीच कोई संबंध नहीं है। अध्ययन में पाँच वर्षों की अवधि के दौरान 50 से 69 वर्ष की आयु के बीच वाले 500,000 से अधिक पुरुषों और महिलाओं का मूल्यांकन किया गया। 500 से अधिक अध्ययनों की व्यापक समीक्षा और हाल में क्रिटिकल रिव्यूज इन टॉक्सिकोलॉजी में प्रकाशित अध्ययनों में भी पाया गया कि aspartame सुरक्षित है और कैंसर से संबद्ध नहीं है। यह समीक्षा विष विज्ञान, महामारी रोगविज्ञान, उपापचय, रोग विज्ञान, बायोस्टेटिक्स आदि के क्षेत्रों के आठ प्रमुख विशेषज्ञों के एक पैनल द्वारा की गई और निष्कर्ष रूप में निर्धारित किया गया कि aspartame सुरक्षित है।

क्या मधुमेह से पीड़ित लोग aspartame ले सकते हैं?

मधुमेह से ग्रस्त लगभग 90 प्रतिशत लोग aspartame से मीठे किए गए उत्पादों का उपयोग करते हैं और अमेरिकी मधुमेह संघ का कहना है कि aspartame मधुमेह से ग्रस्त लोगों के लिए सुरक्षित और उपयोगी मधुरक है। Aspartame भोजन के स्वाद को मीठा बनाता है और खाद्यों एवं पेय पदार्थों में कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा को काफी कम कर सकता है या समाप्त भी कर सकता है। अनुसंधान दिखाते हैं कि aspartame मधुमेह से ग्रस्त लोगों के अल्पकालीन या दीर्घकालीन रक्त शर्करा स्तरों को प्रभावित नहीं करता। aspartame से मीठे किए गए खाद्य और पेय पदार्थ मधुमेह से ग्रस्त लोगों को चुनने के लिए अधिक विविधता वाले उत्पादों की पेशकश करते हैं जिससे कुल कार्बोहाइड्रेट सेवन का बजट बनाने में ज्यादा लचीलापन रहता है। इस प्रकार, aspartame से मीठे किए गए उत्पाद पोषक तत्वों संबंधी सिफारिशों का पालन करने में सहायता और इसके बावजूद अच्छे स्वाद वाले खाद्यों का आनन्द लेने में मदद कर सकते हैं।

फेनिलकेटोनरिया (phenylketonuria) (PKU) क्या है और यह aspartame से कैसे सम्बद्ध है?

फेनिलकेटोनरिया (PKU) आनुवांशिक रूप से मिलने वाली एक दुर्लभ बीमारी है जो aspartame के एक घटक, आवश्यक एमिनो एसिड फेनिलालानाइन को समुचित ढंग से उपापचयित होने से रोकती है। (आवश्यक एमिनो एसिड की अपेक्षा सामान्य वृद्धि, विकास और शरीर के कार्यों के लिए होती है और इसे आहार से प्राप्त किया जाना चाहिए क्योंकि शरीर इसे नहीं बना सकता।) इस कारण से, फेनीलालानाइन शरीर में एकत्र हो सकता है और कुछ खास स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। अमेरिका और अनेक अन्य देशों में, सभी नवजातों के लिए PKU की नियमित स्क्रीनिंग की आवश्यकता होती है। अमेरिका में, 15,000 में से करीब एक शिशु PKU के साथ पैदा होता है। PKU से ग्रस्त लोगों को जन्म से किशोरावस्था तक या बाद तक, सभी स्रोतों से प्राप्त फेनीलालानाइन के सख्त प्रतिबंध के साथ एक विशेष आहार पर रखा जाता है। PKU से ग्रस्त महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान अवश्य विशेष आहार पर रहना चाहिए। चूंकि PKU से ग्रस्त लोगों को फेनालालानाइन के अतिरिक्त स्रोत के रूप में aspartame पर अवश्य विचार करना चाहिए, इसलिए U.S. में aspartame युक्त खाद्यों पर यह अवश्य लिखा होना चाहिए, “फेनीलकेटोनरिक्स: फेनीलालानाइन मौजूद है।”

क्या Aspartame वज़न नियंत्रण में लाभकारी है?

तीन में से करीब दो अमेरिकियों को अधिक वजन वाले या मोटे के रूप में वर्गीकृत किए जाने के कारण, समुचित कैलोरी सेवन सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाना अनेक लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। चूंकि aspartame युक्त उत्पाद कैलोरी में कम होते हैं, इसलिए aspartame युक्त उत्पादों को नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ उपयोग करने से वज़न नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, वजन नियंत्रण परaspartame के प्रभावों की हाल ही में अमेरिकी आहार संबंधी संघ(ADA) की साक्ष्य विश्लेषण पुस्तकालय (EAL) द्वारा समीक्षा की गई। EAL विभिन्न खाद्य संबंधी विषयों पर प्रकाशित साहित्य की व्यवस्थित रूप से समीक्षा करता है, परिणामों का विश्लेषण करता है और साक्ष्य के आधार पर निष्कर्ष विवरण तैयार करता है। aspartame की समीक्षा के बाद ADA ने निष्कर्ष निकाला, “हाइपोकैलोरिक आहार लेने वाले लोगों द्वारा aspartame के उपयोग को निरंतर वजन कम करने से सम्बद्ध किया जा सकता है” ADA ने पुनः निष्कर्ष निकाला कि aspartame भूख या भोजन के सेवन को प्रभावित नहीं करता।
दुर्भाग्य से, यह जानकारी फैलायी जाती रही है कि कम कैलोरी वाले मधुरक और उन्हें रखने वाले उत्पाद वजन बढ़ा सकते हैं, चयापचयी सिंड्रोम का जोखिम बढ़ा सकते हैं और टाइप 2 मधुमेह में योगदान दे सकते हैं। तथापि, ये आरोप अवलोकनात्मक अध्ययनों पर आधारित हैं जो कारण और प्रभाव नहीं दिखाते। (डेविडसन और स्विदर्स, 2004 से प्राप्त) ऐसे निष्कर्ष दोहराए नहीं गए हैं और उस अधिकांश वैज्ञानिक डेटा के साथ संगत नहीं हैं जिसने aspartame जैसे कम कैलोरी वाले मधुरकों के लाभों का समर्थन किया है। इसके अतिरिक्त, अनुसंधान की समीक्षा दर्शाती है कि कम कैलोरी वाले मधुरक मोटापे की समस्या को सुलझाने में मदद में पहेली का एक हिस्सा हो सकते हैं। नैदानिक पोषण की यूरोपीय पत्रिका में प्रकाशित बैलीसले और ड्रेनोवस्की (Bellisle and Drewnowski) द्वारा किए गए अध्ययन में कम कैलोरी वाले मधुरकों, ऊर्जा घनत्व और परितृप्ति के बारे में अनेक प्रयोगशाला, नैदानिक और महामारी रोगविज्ञान अध्ययनों का मूल्यांकन किया गया। वाशिंगटन यूनिवर्सिटी (Washington University) में जन स्वास्थ्य पोषण केंद्र (Center for Public Health Nutrition) के निदेशक और अध्ययन के लेखक डॉक्टर एडम ड्रेनोवस्की (Dr. Adam Drewnowski) ने उल्लेख किया “अनेक अध्ययनों की यह समीक्षा इंगित करती है कि कम कैलोरी वाले मधुरक और उन्हें रखने वाले उत्पाद वजन कम करने के प्रयासों में सहायता कर सकते हैं। नैदानिक पोषण पर अमेरिकी पत्रिका में प्रकाशित एक पर्चे, जिसमें परड्यू यूनिवर्सिटी (Purdue University) के रिचर्ड डी मैटर्स और नॉर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी (University of North Carolina) के बैरी एम. पोपकिन ने भूख, भोजन के सेवन और वजन पर गैर-पोषक मधुरकों के प्रभाव के बारे में 224 वैज्ञानिक अध्ययनों की समीक्षा की, में निष्कर्ष निकाला गया ‘‘हमारे और अन्य लोगों द्वारा साक्ष्यों का सार किए जाने और एक साथ लिए जाने पर यह पता लगता है कि यदि गैर पोषक मधुरकों का उपयोग अधिक ऊर्जा देने वाले मधुरकों के प्रतिस्थापन के रूप में किया जाता है, तो उनमें वजन नियंत्रित करने में सहायता देने की क्षमता होती है।’’ इसके अलावा, डॉक्टर जॉर्ज ब्लैकबर्न द्वारा किए गए दो वर्ष के एक नैदानिक परीक्षण ने दर्शाया कि aspartame न केवल वजन कम करने में बल्कि वजन नियंत्रित रखने में भी सहायक था। अनुसंधानकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि विविध प्रकार से वजन नियंत्रित करने वाले कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, aspartame वजन नियंत्रण में सहायता दे सकता है।