नींद और वज़न का संबंध

Woman sleeping in a bed in a dark bedroom

रॉबिन फ्लिप्स, एमएस, एमए, आरडीएन
कैलोरी नियंत्रण परिषद की सलाहकार

क्या पिछले कुछ समय से आपका वज़न बढ़ रहा है और आप पूरी नींद नहीं ले पा रहे हैं? हाल ही में हुए नए शोध के मुताबिक, ये दोनों समस्याएं आपस में जुड़ी हो सकती हैं। यूरोपियन जर्नल ऑफ़ क्लीनिकल न्यूट्रीशन में प्रकाशित हुए एक अध्ययन में बताया गया है कि पर्याप्त नींद नहीं लेने वाले लोगों ने अगले दिन अतिरिक्त 385 कैलोरी का सेवन किया। 2.5 औंस के आलू चिप्स के पैकेट या एक बनाना नट मफ़िन से लगभग इतनी कैलोरी मिल सकती हैं।

इतनी अतिरिक्त कैलोरी हर 9 दिनों में आपके वज़न में एक पाउंड (लगभग आधा किलोग्राम) की वृद्धि करने के लिए काफ़ी हैं! जहां नींद की कमी के स्वास्थ्य पर अपने दुष्परिणाम होते हैं, वहीं लगातार लंबे समय तक पर्याप्त नींद नहीं लेने से वज़न में हो सकने वाली वृद्धि भी चिंता का विषय है।

भोजन संबंधी पसंद-नापंसद पर नींद की कमी से किस प्रकार प्रभाव पड़ता है?

इस अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने 172 प्रतिभागियों पर किए गए 11 अन्य अध्ययनों की समीक्षा की और पर्याप्त नींद नहीं ले पाने वाले (3.5 – 5 घंटे/रात्रि) लोगों की तुलना पर्याप्त नींद लेने वाले (7 – 12 घंटे/रात्रि) लोगों से की और यह देखा कि प्रत्येक समूह के प्रतिभागियों ने अगले दिन क्या-क्या खाया। उन्होंने देखा कि नींद से वंचित लोगों ने अधिक भोजन खाया हो ऐसा आवश्यक तो नहीं था, पर उन्होंने वसा की अधिक, प्रोटीन की कम और कार्बोहायड्रेट की लगभग समान मात्रा वाले खाद्य पदार्थ अवश्य चुने। नींद से वंचित लोगों ने जो खाद्य पदार्थ चुने उनकी अतिरिक्त कैलोरी के कारण उनका वज़न बढ़ गया क्योंकि वे उन कैलोरी को शारीरिक गतिविधि को बढ़ा कर खपा नहीं रहे थे।

इस समीक्षा में शामिल अध्ययनों को यह स्पष्ट करने की दृष्टि से डिजाइन नहीं किया गया था कि क्यों नींद से वंचित रहने के बाद लोगों का खाद्य पदार्थों का चुनाव बदल जाता है, पर इस प्रश्न का उत्तर मस्तिष्क के पुरस्कार केंद्र में छिपा हो सकता है। नींद से वंचित वयस्कों के एक अन्य अध्ययन के परिणामों से पता चला कि जब प्रतिभागियों के सामने भोजन लाया गया तो मस्तिष्क के पुरस्कार से संबंधित क्षेत्रों में कहीं अधिक सक्रियता दिखाई पड़ी। इससे यह संकेत मिलता है कि नींद से वंचित होने पर वे भोजन ढूंढने के लिए अधिक प्रेरित हो जाते होंगे। एक अन्य अध्ययन में रक्तधारा में एंडोकेनाबिनॉइड नामक एक लिपिड के अधिक ऊंचे स्तर मिले। यह लिपिड प्राकृतिक रूप से बनने वाला एक यौगिक है जो उन्हीं ग्राहियों (रिसेप्टर) से जुड़ता है जिससे चरस में पाया जाने वाला सक्रिय घटक जुड़ता है। मस्तिष्क के इस भाग को सक्रिय कर देने से देखा गया है कि भोजन करने की क्रिया अधिक आनंददायी हो जाती है, परिणामस्वरूप सुस्वाद भोजन की इच्छा और बढ़ जाती है।

नींद की कमी से भूख पर किस प्रकार प्रभाव पड़ता है?

नींद से वंचित लोगों में खाद्य पदार्थों की पसंद-नापसंद में होने वाले बदलावों के लिए प्रस्तावित किया गया एक अन्य कारण है उनके भूख या कुछ खाने की इच्छा को नियंत्रित करने वाले हार्मोनों की क्रिया बाधित हो जाना। शरीर की प्राकृतिक सर्केडियन रिधम, अथवा जैविक घड़ी, हमारे सोना-जागना-खाना के चक्रों को 24 घंटों की अवधि के अंदर नियंत्रित करती है। जब बाहरी प्रभावों, जैसे देर तक जागना आदि के कारण इन चक्रों का तालमेल बिगड़ जाता है तो शरीर की अन्य जैविक क्रियाएं प्रभावित हो जाती हैं। नींद से वंचित लोगों पर किए गए अध्ययनों से पता चला है कि उनमें पेट भर जाने का एहसास उत्पन्न करने वाले लेप्टिन नामक हार्मोन का स्तर घट जाता है और भूख को नियंत्रित करने वाले घ्रेलिन नामक हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। नींद से वंचित लोगों में इन हार्मोनों में हुए बदलाव, उनकी भूख में हुई वृद्धि का कारण स्पष्ट करते हैं, हालांकि उन्हें भूखा नहीं होना चाहिए।

भोजन नींद को कैसे प्रभावित करता है?

नींद की कमी और वज़न बढ़ने के संबंध की इस कहानी में एक और मरोड़ है जिसे यहां बताया जाना ज़रूरी है। जब कुछ ख़ास किस्म के खाद्य व पेय पदार्थों का सेवन रात में किया जाता है, तो वे नींद आ जाने, या जागते रहने की क्षमता में हस्तक्षेप कर सकते हैं। उनके कारण आपको अगले दिन थकावट बनी रह सकती है। जब आप अपने जागने के घंटों के दौरान थकावट महसूस करते हैं, तो आप ऐसे खाद्य व पेय पदार्थ चुन सकते हैं जो आपको जागे रहने में मदद करें, जैसे कैफ़ीन युक्त या शक्कर की अधिक मात्रा वाले पदार्थ। यह खान-पान, भूख लगने पर नहीं होता है बल्कि स्वयं को कुछ देर तक थोड़ा अधिक सतर्क बनाए रखने के लिए किया गया होता है। इससे न केवल आप अनावश्यक कैलोरी प्राप्त करते हैं, बल्कि दिन के दौरान अत्यधिक उत्तेजित रहने एवं रात को अच्छे से न सो पाने के दुष्चक्र में भी फँस सकते हैं।

हालांकि कई प्रश्न ऐसे हैं जिनके उत्तर अभी नहीं मिले हैं, पर इस दावे के पक्ष में सुबूत लगातार बढ़ रहे हैं कि नींद और वज़न बढ़ने के बीच संबंध है। अच्छी ख़बर यह है कि बहुत से लोगों के लिए इलाज आसान है। बस पर्दे गिरा दें, सभी स्क्रीनें बंद कर दें और लाइटें बुझा दें। इतना करने से आप पूरी रात अच्छे से सो सकेंगे और सुबह जब आप दिन की शुरूआत के लिए जागेंगे तो आपकी भूख आपके नियंत्रण में होगी।

 

Robyn Flipseरॉबिन फ्लिप्स, एमएस, एमए, आरडीएन एक पंजीकृत आहार-विशेषज्ञ और क्लिनिकल एंथ्रोपोलॉजिस्ट हैं जिनके 30 से अधिक वर्षों के कार्यकाल में शामिल है एक व्यस्त पोषण सलाहकारिता प्रैक्टिस चलाना, विश्वविद्यालय स्तर पर खाद्य और पोषण कोर्स पढ़ाना, और 2 लोकप्रिय आहार संबंधी पुस्तकें तथा स्वास्थ्य और चुस्ती पर असंख्य लेख और ब्लॉग लिखना। असमंजस में डालने वाले और कभी-कभी विवादास्पद पोषण संबंधी समाचारों में से काम की बातें निकालने की उनकी क्षमता ने उन्हें सीएनबीसी, फ़ॉक्स न्यूज और यूएसए टुडे सहित कई प्रमुख मीडिया आउटलेटों पर अक्सर दिखने वाली अतिथि बना दिया है। उनका जुनून है, लोगों को ऐसी व्यावहारिक पोषण संबंधी जानकारी देना जो उन्हें अपने रोजमर्रा के आहारों के लिए सर्वश्रेष्ठ खाद्य निर्णय लेने की योग्यता प्रदान करती है। उन तक पहुँचें Twitter @EverydayRD पर और उनका ब्लॉग The Everyday RD पढ़ें।